अब लैब नहीं एसडीओ बताएंगे सरकारीकर्मी कोरोना संक्रमित हैं या नहीं…

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रांची में जिला प्रशासन को निजी लैब में कोरोना जांच की रिपोर्ट पर भरोसा नहीं है। सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के मामले में तो कतई नहीं। यही वजह है कि उपायुक्त ने डॉक्टर, पारा मेडिकलकर्मी, अधिकारी, मजिस्ट्रेट, स्वास्थ्यकर्मी जो निजी लैब से जारी पॉजिटिव की रिपोर्ट जमा कर काम से अनुपस्थित हैं, उपायुक्त ने ऐसे सभी लोगों को पॉजिटिव रिपोर्ट को एसडीओ से प्रमाणित कराने का निर्देश दिया है। ऐसे में एसडीओ जब रिपोर्ट को प्रमाणित कर पॉजिटिव होने की पुष्टि करेंगे, तभी वे संक्रमित माने जाएंगे। निजी लैब से पॉजिटिव रिपोर्ट मिलने पर तब तक अधिकारियों-कर्मचारियों को काम करना होगा, जब तक कि एसडीओ पॉजिटिव होने की पुष्टि नहीं करेंगे। सदर अस्पताल और कोविड से निपटने के लिए बने सेंटर के अधिकारी और कर्मचारी खुद को संक्रमित बता होम आइसोलेशन में हैं। सदर अस्पताल में प्रतिनियुक्त 16 डॉक्टरों ने खुद को संक्रमित होने का दावा किया है और इसके पक्ष में निजी लैब से जारी रिपोर्ट सौंपी है। लेकिन जिला प्रशासन को इस रिपोर्ट पर अभी भरोसा नहीं हो रहा है और उसने रांची के एसडीओ को पॉजिटिव होने का प्रमाणपत्र जारी करने को अधिकृत किया है। आपको बता दें कि जो डॉक्टर, अधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी निजी लैब की रिपोर्ट के बाद होम आइसोलेशन में हैं, उनके घर जिला प्रशासन की टीम जा रही है। घर पर ही संबंधित अधिकारी-कर्मचारी का सैंपल लिया जा रहा है। मंगलवार को भी कई अफसर और कर्मचारियों के घर जाकर सैंपल लिया गया।

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