रांची: मां की मौत मांग रहें बच्चे… आखिर क्यों सरकार से लगा रहे गुहार

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रांची में एक भाई-बहन ने अपनी मां के लिए इच्छामृत्यु की मांग की है। अस्पताल जहां लोग जीने की उम्मीद लेकर आते हैं। उसी अस्पताल की दहलीज पर बेटा गौरव और बेटी पूजा अपनी मां के लिए इच्छा मृत्यु मांग रहे हैं। दोनों भाई बहन का कहना है कि सरकार मेरी मां को या तो इच्छा मृत्यु दे या फिर उनके बेहतर इलाज की व्यवस्था करें।

गिरिडीह की रहने वाली 45 साल की उषा देवी अप्रैल के महीने में कोरोना से संक्रमित हुईं थीं। इलाज के बाद उषा देवी कोरोना से तो जंग जीत लिया लेकिन वह ब्लैक फंगस से ग्रसित हो गई। महिला के बेटे गौरव का कहना है कि उसकी मां जैसे ही ब्लैक फंगस से ग्रसित हुई वे अपनी मां को लेकर रिम्स पहुंच गए। जहां डॉक्टरों ने इलाज करने में दो दिन से ज्यादा समय लगा दिए। उनके मुताबिक उनकी मां को पहले रिम्स के ओल्ड ट्रॉमा सेंटर में रखा गया और अब डेंगू वार्ड में भर्ती कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीपी और शुगर बढ़ने का बहाना बनाते हुए डॉक्टरों ने दो बार ऑपरेशन टाल दिया, जिससे स्थिति बिगड़ गई और इंफेक्शन ब्रेन तक पहुंच गया और अब उन्हें इलाज के लिए केरल या अहमदाबाद जाने के लिए बोला जा रहा है। ब्लैक फंगस से पीड़ित महिला की बेटी पूजा बताती हैं कि अब तक इलाज में दो लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। उन्हें सभी दवाइयां बाहर से खरीदनी पड़ रही है। उनके मुताबिक एक दवाई पासाकोनाजोल नाम की टैबलेट जिसकी कीमत 5 हजार थी अब 6 हजार हो गयी है, 8 पत्ता (1 पत्ता में 10 टैबलेट) 46 हजार का खरीद चुके हैं। ऐसे में वह अपनी मां का इलाज कराने में असमर्थ हैं। आर्थिक तंगी और बीमारी के कारण मां की परेशानी को देखते हुए पीड़ित उषा देवी के दोनों बेटे बेटियों ने अपनी मां के इलाज के लिए सरकार से गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि सरकार या तो इलाज कराए या फिर इच्छामृत्यु दे क्योंकि उनके पास अब पैसे नहीं बचे हैं।

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