झारखंड को हेंमत सरकार की सौगात…पर्यटन और शोध का केंद्र बनेगा रांची का तिरिल आश्रम

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रांची : गांधी जयंती पर झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस एवं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छोटानागपुर खादी ग्रामोद्योग संस्थान (सर्वोदय आश्रम), तिरिल, रांची स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया. महात्मा गांधी से जुड़े रांची के धुर्वा में तिरिल स्थित सर्वोदय आश्रम को संरक्षित और विकसित करने पर CM हेमन्त सोरेन ने जोर दिया.

उन्होंने कहा कि तिरिल आश्रम (सर्वोदय आश्रम) में संचालित छोटानागपुर खादी ग्रामोद्योग संस्थान को महात्मा गांधी के सपने के अनुरूप ढाला जाएगा. इसे कुटीर उद्योग के क्रियाकलापों का केंद्र बनाया जाएगा. इतना ही नहीं, आश्रम को संरक्षित कर पर्यटन और शोध केंद्र के रूप में विकसित करने का भी कार्य होगा. इससे रोजगार के नये अवसर भी बनेंगे.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि देशरत्न डॉ राजेन्द्र प्रसाद और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सद्प्रयास से ही 1928 में छोटानागपुर खादी ग्रामोद्योग की स्थापना इस आश्रम में की गई थी. 24 एकड़ में फैले आश्रम में दोनों महानुभावों के प्रवास की छाप है. स्वाधीनता आंदोलन की यादें हैं. तब यह आश्रम स्वतंत्रता सेनानियों का ठिकाना भी हुआ करता था. इस दृष्टिकोण से इस स्थान का ऐतिहासिक महत्व भी है.

गौरतलब है कि तिरिल आश्रम की स्थापना महात्मा गांधी ने 1928 में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के साथ की थी. तब यह स्वाधीनता सेनानियों का केंद्र था. आज की पीढ़ी को ये झारखंड का देश के स्वतंत्रता आंदोलन में सहयोग को समझने में सहायक होगी. आज भी इस आश्रम में महात्मा गांधी द्वारा उपयोग किया चरखा मौजूद है. तिरिल आश्रम का विशाल प्रांगण और गांधीजी की प्रतिमा आम जनों का स्वागत करती है.

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