कोरोना से हुए विद्यार्थियों की पढ़ाई के नुकसान की होगी भरपाई… शैक्षणिक सत्र में होगा बदलाव

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रांची. कोरोना वायरस से फैलने वाले संक्रमण के कारण, छात्रों को भी एक बड़ा नुकसान हुआ है। उनके अध्ययन में बहुत नुकसान हुआ है। ऐसी स्थिति में, झारखंड सरकार ने अब क्षतिपूर्ति करने का फैसला किया है। इसके तहत, सरकारी स्कूलों का अकादमिक सत्र बढ़ाया जाएगा। यह व्यवस्था वर्ष 2024 तक के लिए होगी। नई प्रणाली इस वर्ष से लागू की जाएगी। बताते चलें कि 1 अप्रैल से 31 मार्च तक राज्य में स्कूलों का अकादमिक सत्र होता था। झारखंड सरकार के फैसले को देखते हुए, इसे बदला जाएगा।

कोरोना संक्रमण के कारण स्कूल को महीनों के लिए बंद कर दिया गया था। परिस्थितियों में सुधार के बाद, स्कूल खोलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। स्कूल बंद होने के कारण, छात्रों की शिक्षा बुरी तरह प्रभावित हुई थी। झारखंड सरकार ने अब इस नुकसान की भरपाई करने के लिए नई प्रणाली की घोषणा की है। इसके तहत, वर्ष 2021-22 का अकादमिक सत्र 31 मार्च को समाप्त नहीं होगा। यह सत्र अब 30 जून तक चलेगा। अकादमिक सत्र 3 महीने के लिए आगे बढ़ेगा। इस व्यवस्था को दो और सत्र तक जारी रखने के लिए मंथन किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो वर्ष 2022-23 का सत्र 31 मई तक और वर्ष 2023-24 का सत्र 30 अप्रैल तक चलाया जाएगा. इसके बाद वर्ष 2024-25 से सत्र पूर्व निर्धारित तिथि 31 मार्च को समाप्त होगा. झारखंड स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग इसकी तैयारी कर रहा है. इस बाबत जल्‍द ही निर्णय लेने की उम्‍मीद है.

बता दें कि हेमंत सोरेन की सरकार पहली से पांचवीं कक्षा तक के स्‍कूलों को खोलने पर विचार कर रही है. कोरोना संक्रमण की रफ्तार यदि दीपावली और छठ पूजा तक नियंत्रण में रहा तो पांचवीं तक की कक्षाएं भी खोल दी जाएंगी. प्रदेश के वित्‍त मंत्री रामेश्‍वर उरांव ने यह जानकारी दी. उन्‍होंने कहा कि इस बाबत मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन काफी संवेदनशील हैं. गौरतलब है कि 6 से 8वीं कक्षा तक के स्‍कूलों को पिछले महीने ही खोला जा चुका है, लेकिन पहली से पांचवीं कक्षा तक के स्‍कूलों को खोलने पर अभी तक फैसला नहीं लिया गया है. अब सरकार उस पर भी विचार कर रही है.

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