500 के बदले 40000 देने वाले के नाम एफआईआर…

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जामताड़ा में ऑनलाइन ठगी कोई नई बात नहीं है. एक बार फिर जामताड़ा का नाम सुर्ख़ियों में आ गया है. इस बार ठगी का कारोबार करने वाले नया तरिका अपना रहें हैं। कम पैसे लगाकर ज़्यादा पैसे देने के नाम पर लोगों को चूना लगा रहे हैं। सीबीआई ने जामताड़ा में चिटफंड मामलों से संबंधित कई केस दर्ज किए हैं। सीबीआई ने यह कार्रवाई झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश पर की है।सीबीआई का कहना है कि, एक निजी फर्म ने जामताड़ा के विभिन्न निवेशकों से 25 लाख रुपये एकत्र किए थे।आरोपियों ने 2011 और 2014 के बीच उन निवेशको से उनकी रकम को कई गुना बढ़ाकर वापस देने का झूठा वादा किया था ।एक शिकायतकर्ता प्रतिमा कच्छप ने आरोप लगाया है कि वो प्रवीण जेनिथ की मार्केटिंग कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड के लिए एक एजेंट के रूप में काम कर रही थी ।वर्ष 2010 में कंपनी ने एक योजना शुरू की, जिसके मुताबिक़ जो कोई भी प्रति माह 500 रुपये का निवेश करेगा, उसे एक वर्ष में 40,000 रुपये का रिटर्न मिलेगा । इस योजना 1000, 2000 और 10,000 रुपये तक का निवेश कर सकते थे । प्रतिमा ने 20 लाख रुपये का निवेश किया लेकिन समय पूरा होने के बाद कंपनी के प्रबंध निदेशक (Managing director) प्रवीण कुमार सिंह ने बहाना बनाना शुरू किया और निवेशकों को पैसा नहीं दिया । प्रतिमा ने आरोप लगाया कि उसकी तरह ही हजारों एजेंट ने प्रवीण की फर्म में पैसा लगाया था। एक और एफआईआर में एजेंटों के एक समूह ने आरोप लगाया है कि उन्होंने डॉल्फिन ग्रुप ऑफ कंपनीज़ में निवेशकों के पैसे लगाए थे। कम्पनी की कई शाखाएं झारखंड में थीं। हालांकि निवेश के बाद कंपनी ने पैसे का भुगतान करने से इनकार कर दिया और हजारों निवेशकों को धोखा दिया है।