पिता ही बन गया अपने बेटे का कातिल… जायदाद का वारिस बनने से था खफा.. जाने पूरा मामला

Share

गुमला में एक पिता ने अपने बेटे की हत्या का मामला सामने आया है। यह मामला घाघरा थाना की बिमरला पंचायत के घाघरापाठ गांव की है। जहां बच्चे के माता पिता लिव इन रिलेशनशिप में रहते थे। इसी दौरान उन्होंने एक बच्चे को जन्म दिया। पर जब बच्चा पांच साल का हो गया, तब उसके पिता ने ही उसकी हत्या कर दी। बच्चे की हत्या कर शव को पत्थर से ढक दिया था। पुलिस ने बुधवार को शव को बरामद कर लिया है. इस घटना से गांव के लोग काफी गुस्सा में है। आपको बता दें कि ययह घटनास्थल घोर उग्रवाद प्रभावित है। इसलिए पुलिस देर शाम तक गांव नहीं पहुंची थी। हालांकि बताया जा रहा कि शव देर शाम बरामद कर लिया गया है।

बताया जा रहा है कि घाघरापाठ गांव के एक युवक और  युवती प्रेम करते थे। इसके बाद दोनों लिव इन रिलेशनशिप में रहने लगे। गांव में काम नहीं होने के वजह से  तो दोनों ईंट भटठा में मजदूरी करने दूसरे राज्य चले गये। जहां इनके बेटे सुनील उरांव का जन्म हुआ। जब सुनील पांच साल का हुआ तो दोनों युवक युवती गांव लौट आए। जहां युवक ने सुनील को अपना बेटा मानने से इंकार कर दिया। इस मामले को लेकर गांव में बैठक हुई। जिसमें गांव के लोगों ने फैसला सुनाया कि सुनील को उसके पिता के नाम के साथ पिता की जायदाद का भी वारिस होगा।

गांव वालों के इस फैसले से युवक नाखुश था। उसने मंगलवार को अपने ही बेटे सुनील की हत्या कर शव को तालाब में डाल दिया और ऊपर से पत्थर रख दिया। कुछ लोगों ने तलाब में शव को देखा और बुधवार को इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने शव बरामद किया।

वहीं घाघरा थानेदार कुंदन कुमार सिंह ने कहना है कि उन्हें सूचना मिली है कि पांच साल के बच्चा की हत्या कर शव को तालाब में डाला गया है। घटनास्थल जाने के बाद ही पूरी जानकारी मिल सकती है। थानेदार ने यह भी बताया कि ग्रामीणों से सूचना मिली है कि उसके ही पिता ने सुनीन की हत्या कर दी है। आरोपी को पकड़ने के बाद हत्या के कारणों का पता चलेगा।

50 हजार से अधिक सम्मानित पाठकों के साथ झारखंड जंक्शन झारखंड का सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला ऑनलाइन न्यूज पोर्टल है।

विज्ञापन के लिए संपर्क करें- 7042419765

Facebook/Jharkhand Junction