चतरा में परेशानी का सबब बने अधूरे पड़े पुल… प्रशासन ने मूंद रखी हैं आंखें…

Share

चतरा : बरसात के दिनों में नदी में अधिक पानी होने के कारण कई गांवों का संपर्क प्रखंड व जिला मुख्यालय से कट जाता है. लोगों को नदी में पानी कम होने का घंटों इंतजार करना पड़ता है. संपर्क कट जाने से गांव तक वाहन नहीं पहुंचता है, जिसके कारण मरीजों व गर्भवती महिलाओं को इलाज में काफी परेशानी होती है. इन परेशानियों का कारण जिले के कई प्रखंडों में अधूरे पड़े पुल-पुलिया हैं. जिले के कई प्रखंडों में पुल-पुलिया का निर्माण अधूरा पड़ा है. पुल नहीं बनने से लोगो को परेशानी हो रही है.

कुंदा, प्रतापपुर, कान्हाचट्टी, टंडवा प्रखंड में कई पुल-पुलियाें का निर्माण कार्य वर्षों से अधूरा पड़ा है. कहीं उग्रवादियों के डर, तो कहीं संवेदक की लापरवाही से पुल का निर्माण समय पर पूरा नहीं हो पाया है. इस तरह नदी में पुल बना कर एक गांव को दूसरे गांव से जोड़ने व लोगों को आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना सरकार का उद्देश्य विफल साबित हो रहा है. जोरी गया-चतरा मुख्य पथ का पखा पुल छह वर्षों से निर्माणाधीन है. तीन साल तक फाउंडेशन खोद कर छोड़ दिया गया है. इसके बाद दो साल पिलर खड़ा किया गया. संवेदक सिमरिया निवासी जयनारायण गुप्ता ने स्लैब की ढलाई के लिए सेट्रिंग कर एक साल से छोड़ दिया है. पुलका निर्माण नहीं होने से आवागमन में लोगों को परेशानी हो रही है. बरसात के दिनों में क्षेत्र के कई गांव टापू बन जाते हैं. इन गांवों में रहने वालों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क कट जाता है. प्रखंड मुख्यालय जाने के लिए ग्रामीणों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है. ग्रामीण विकास विभाग विशेष प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता जावेद अंसारी ने कहा कि लोटवा पुल के ठेकेदार का निधन हो गया है. संवेदक की पत्नी ने काम कराने की बात कही है. बरसात के बाद पुल निर्माण का कार्य शुरू किया जायेगा.

1 2 3 150
Facebook Comments Box