अनोखे पहल को लगा झटका… उपकरण बैंक से बच्चों को नहीं मिल पाया फोन

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डीजीपी नीरज सिन्हा की पहल पर हर जिले में उपकरण बैंक खोला गया था. इस उपकरण बैंक में अब तक 1500 से ज्यादा मोबाइल, टैब और दूसरे उपकरण जमा हो चुके हैं, लेकिन आपको  यह जानकर हैरानी होगी कि उनमें से मात्र 375 उपकरण ही गरीब बच्चों के बीच बांटा जा सका हैं. झारखंड के कई जिलों में एक भी स्मार्टफोन का वितरण नहीं हुआ है. जबकि कई लोगों ने स्मार्टफोन पुलिस के पास दान किया है.

कोविड-19 संक्रमण की वजह से वर्तमान समय में भी ज्यादातर स्कूली बच्चे ऑनलाइन क्लासेज को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं. लेकिन वैसे बच्चे जिनके मां बाप बेहद गरीब हैं उनकी पढ़ाई स्मार्टफोन नहीं हो पाने की वजह से प्रभावित हो रही है. इसी को देखते हुए झारखंड के डीजीपी नीरज सिन्हा ने उपकरण बैंक की शुरुआत की थी. ताकि उस उपकरण बैंक में लोग अपने पुराने स्मार्टफोन दान करें और उन्हें फिर गरीब बच्चों तक पहुंचाया जा सके. झारखंड के डीजीपी के इस आह्वान का असर भी हुआ, जिसके बाद 07 जुलाई 2021 से लेकर 10 दिसंबर 2021 तक 1523 स्मार्टफोन, 21 लैपटॉप, 32 टैब और 39 कंप्यूटर उपकरण बैंक में जमा भी हो गए. लेकिन झारखंड के डीजीपी की इस योजना को पुलिस की लापरवाही का शिकार होना पड़ा है. दिसंबर महीने की दस तारीख तक मात्र 375 स्मार्टफोन, 12 टैब और 2 लैपटाप का वितरण ही गरीब बच्चो के बीच हो पाया है. सबसे हैरानी की बात तो ये है कि झारखंड के कुछ जिलों में उपकरण बैंक में लोगों ने स्मार्टफोन दान किए हैं लेकिन उनमें से एक का भी वितरण अब तक पुलिस नहीं कर पाई है.

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