झारखंड के तीन मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन पर रोक … नये कॉलेज खोलने में जुटी सरकार…

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राज्य में प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत तीन फेज में सात मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारी चल रही है। वहीं इसी योजना से पलामू, हजारीबाग और दुमका में खुले मेडिकल कॉलेजों का हाल बेहाल हो गया है।  यहां के मेडिकल कॉलेजों में न शिक्षक हैं और न वो तमाम सुविधाएं जिनसे मेडिकल की पढाई हो सके। इन्हीं वजहों से नेशनल मेडिकल कमिशन ने इस साल एडमिशन पर रोक लगा दी गई है। इस साल भी एडमिशन के लिए परमिशन मिलेगा या नहीं इसपर संशय बरकरार है।

एनएमसी ने तीनों मेडिकल कॉलेजों में व्यवस्था की कमी और शिक्षकों की कमी सहित अन्य खामियां बताते हुए एकेडमिक ईयर 2020-21में एडमिशन नहीं लेने की बात इसी साल कही थी।  15 अक्तूबर 2020 को एनएमसी के सचिव डॉ आरके वत्स ने वर्ष 2020-21 से एमबीबीएस में नये एडमिशन पर रोक लगा दी थी। इस मामले को लेकर तीनों मेडिकल कॉलेज के डीन और प्रिसिंपल को अलग-अलग पत्र भेजा गया था। एनएमसी के सचिव ने लिखा था कि 14 फरवरी 2020 को ही कई कमियां गिनायी गयी थीं। बता दें राज्य में पलामू, दुमका और हजारीबाग में नये मेडिकल कॉलेज की शुरुआत रघुवर दास सरकार के कार्यकाल में हुई थी। इन तीनों मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी ने 17 फरवरी 2019 को किया था। 2019-20 के लिए इन कॉलेज में एमबीबीएस में 100-100 सीटों पर एडमिशन भी हुआ। जब एडमिशन की बात साल 2019-20 में हो रही थी। तभी एनएमसी ने कॉलेजों की कमियों के बारे कहा था। इससे पहले सत्र 2019-20 में ही दाखिले के पूर्व सुप्रीम कोर्ट में ही तत्कालीन सरकार ने हलफनामा दायर कर कहा था कि तीन महीने में सभी कमियों को दूर कर लिया जायेगा। लेकिन, आज तक उन कमियों को दूर नहीं किया गया।

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