झारखंड की बच्चियों को RPF ने गुम होने से बचा लिया…. इसे कहते हैं ताकत का सही इस्तेमाल

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मुकेश कुमार और बबीता देवी दोनों झारखंड के हजारीबाग के रहने वाले हैं। दोनों अपनी बच्चों के साथ कोडरमा स्टेशन से कालका के लिए ट्रेन पकड़ी थी। परिवार गाड़ी नंबर 02311 हावड़ा-कालका मेल में सवार हुए थे। S10 में उनका रिजर्वेशन था। झाबुआ स्टेशन पर दो बच्चियों वृष्टि गुप्ता (7 साल) और माही गुप्ता (4 साल) को ट्रेन में छोड़कर मुकेश और बबीता खाना-पीना लेने लेने नीचे उतरे थे। इस बीच गाड़ी कब खुलकर निकल गई उन्हें पता ही नहीं चला। जब वो ट्रेन में बैठने प्लेटफॉर्म पर पहुंचे तो ट्रेन नहीं थी। ये देखकर उनके होश उड़ गए।

उधर उत्तर प्रदेश के चंदौली स्टेशन पर रेलवे की टीम ने दोनों बच्चियों को बरामद कर लिया। इसके बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्टेशन पर बने कंट्रोल रूम को इसकी जानकारी दी गई। फिर गया और पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्टेशन के बीच पड़ने वाले सभी स्टेशन पर बच्चियों के मिलने की खबर अनाउंस की गई। झाबुआ स्टेशन पर भी इसकी घोषणा की गई। इस घोषणा की बदौलत मुकेश और बबीता पंडित पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्टेशन पहुंचे। जहां रेलवे पुलिस ने दोनों बच्चियों को मां-बाप से मिलवाया। बच्चियों के मिलने के बाद दोनों ने रेलवे पुलिस का धन्यवाद दिया है।