पूर्वी सिंहभूम में यौन शोषण की शिकायत के बाद शेल्टर होम से 2 नाबालिग लड़कियां हुईं गायब…

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पूर्वी सिंहभूम में एक आश्रय गृह के बच्चों को दूसरे स्थान पर ले जाए जाने के दौरान दो नाबालिग आदिवासी लड़कियां लापता हो गईं। बता दें कि आश्रय गृह में यौन उत्पीड़न  की शिकायत मिलने के बाद शुक्रवार शाम बच्चों को दुसरे स्थान पर ले जाया गया है।

बताया जा रहा है कि मदर टेरेसा वेलफेयर ट्रस्ट (एमटीडब्ल्यूटी) में एक आश्रय गृह की दो नाबालिग आदिवासी लड़कियों ने चार साल से यौन उत्पीड़न और प्रताड़ना की शिकायत की थीं, जिसके बाद चालीस बच्चों को जमशेदपुर के गोबरगोसी में के बाल कल्याण आश्रम ले जाया गया। गायब हुई वही दो आदिवासी लड़कियां हैं, जिन्होंने सबसे पहले शेल्टर होम में यौन शोषण होने के बारे में शिकायत दर्ज करवाई थी। इनकी शिकायत के बाद ही यह शेल्टर होम बदनाम हो गया था और अब पुलिस इन दोनों की तलाश कर रही है। पूर्वी सिंहभूम के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ एम तमिल वनन का कहना है कि बाल कल्याण समिति ने पाया कि जिस नए आश्रय गृह में बच्चों को स्थानांतरित किया गया था, अब वहां केवल 38 बच्चे हैं। लगभग 17 साल की दो नाबालिग लड़कियां लापता हैं। उनका पता लगाने की कोशिश की जा रही हैं।’ इस ट्रस्ट के डायरेक्टर हरपाल सिंह थापर, उसकी पत्नी पुष्पा रानी तिर्की, वॉर्डन गीता सिंह, उसके बेटे आदित्य सिंह और एक अन्य व्यक्ति की धरपकड़ की कोशिश की जा रही है, जिनके नाम एफआईआर में दर्ज हैं। गौरतलब है कि मदर टेरेसा वेलफेयर ट्रस्ट पिछले 10 सालों से खरंगाझार इलाके में चलाया जा रहा था, जो अब यौन शोषण के आरोपों में घिर चुका है।

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