उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही महापर्व संपन्न…

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लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा का आज समापन हो गया. राजधानी के कई घाटों पर व्रतियों ने उदीयमान भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया और अपने परिजनों के लिए भगवान से कामना की.

सुबह से ही घाट पर पहुंच रहे थे श्रद्धालु छठ पर्व के आखिरी दिन अहले सुबह से ही घाटों पर श्रद्धालु पहुंचने लगे. कई जगहों पर व्रती और उनके परिवार के लोग घाट के किनारे बैठकर भगवान सूर्य के उदय का इंतजार करते दिखे. सूर्य के उगते ही उनको अर्घ्य दिया गया. इसके बाद व्रतियों ने एक दूसरे को प्रसाद दिया और शरबत पीकर 36 घंटे के निर्जला व्रत को तोड़ा. उषा अर्घ्य से मन्नतें होती है पूरी छठ पूजा के चौथे दिन सुबह में अर्घ्य दिया जाता है. मान्यता है कि यह अर्घ्य सूर्य की पत्नी उषा को दिया जाता है. विधि विधान से इस समय दिए गए अर्घ्य से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है.घाटों पर सुरक्षा के सख्त इंतजामछठ व्रतियों में जहां पूजा को लेकर उत्साह था वहीं प्रशासन इस दौरान राज्य की सुरक्षा में लगा था. अलग अलग जलाशयों में छठ पूजा को लेकर प्रशासन और रांची नगर निगम की ओर से विशेष सुरक्षा और लाइटिंग की व्यवस्था की गई थी.

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